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07.05.2008
 
एकल
कुमार लव

बहुत कुछ
हैं मेरे पास,
तुमने दिया है,
मुझे यह कुछ नहीं चाहिए।

कुछ और...

शायद मिलने पर
खुश हो पाऊँ
यही सोच कर,
सब किया।

पाने से कुछ पल पहले
बहुत खुश हुआ था।

पर पाने के बाद....

तुम चाहे जितना प्यार करो
मुझसे,
पर मैं ख़ुद से...

सारे नाटक मुझे
एकल ही करने होंगे।
निभाते हुए
जाने कितने किरदार।


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