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| 01.16.2009 |
| तुम पास तो आओ कवि कुलवंत सिंह |
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तुम पास तो आओ जरा, दिल उदास है आज, अंधेरों में घिरा है, एक दीप तो जला जाओ। नयनो मे चंचलता नहीं, अधरों पे मुस्कान नहीं, जीवन में बहार नहीं, कोई फूल तो खिला जाओ। तन में प्राण नहीं, मन में भाव नहीं, साँसों में महक नहीं, देहगंध बिखरा जाओ। पाँवों में गति नहीं, हाथों में हलचल नहीं, हृदय में धड़कन नहीं, आकर सीने से लग जाओ। |
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