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ISSN 2292-9754

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10.30.2014


भूल

उतना सा परिचय
जिसकी गहराई अथाह हो गई
उतनी सी बात
जिसके संदर्भ बड़े हो गये
उतनी सी भूल
जो याद दिलाये
कि, नहीं भूले हैं, नहीं भूले हैं।
न मैं भूला हूँ
न तुम भुला सकोगी
लेकिन
उस गहराई की सतह को
उस संदर्भ की परिधि को
यादों में रची-बसी उस भूल को
नापने का पैमाना – हम कहाँ से पायें
कि,
फिर उन्हें मामूली जताकर
अकड़कर कह सकें
कि, भूल गये हैं, भूल गये हैं।


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