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ISSN 2292-9754

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09.29.2014


आज मैंने छायागीत सुना....

आज मैंने छायागीत सुना
तुम टी.वी. देख रही होगी
-चित्रहार-

मैं यहाँ,
खाली बैठा तुम्हें याद कर रहा हूँ
तुम वहाँ
गप लड़ा रही होगी
सहेलियों के साथ।

मिथुन-स्मिता की एक्टिंग के चर्चे
फूड प्रिजर्वेशना पर सेमिनार!
अम्मा की दवाई
गैस के पैसे
बड़्की का बँक
वी. का नाश्ता
पी. का रुमाल
अमलू का होमवर्क
बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट
......................
......................और फिर
एम. डी की लूना –
एम. टी. एक्स. २९६१ पर
सेमिनरी हिल्स का एक राऊँड

सच, कितनी व्यस्त होगी तुम?
है न!
मेरी ही तरह.....


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