प्रो. डॉ. किशोर गिरडकर

कविता
आज मैंने छायागीत सुना....
कल तुम्हारा जन्मदिवस है
किंचित सी मुस्कान तुम्हारी
कितने प्रकरण, कितने प्रसंग
चक्रव्यूह
परिणाम
बौरा गया हूँ मैं
भूल
मायने
शराब
सत्य
समझौता
सम्बंध
स्मृति
शोध निबन्ध
रामभक्ति काव्य : उद्गम और विकास
रीतिकालीन हिन्दी काव्य में ऊहात्मक विरह-वर्णन