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02.28.2014


शिलालेख

मानवता के
शिलालेखों पर अंकित
इतिहास नया
कलियुग का।

विषयाडंबर के
प्राँगण मेँ शब्दश:
परिहास नया
कलियुग का।

क्या शिवत्व? क्या उपासना?
प्रचण्ड वासना!

अन्तरात्मा के
प्रचोदन से निर्मित
उपहास नया
कलियुग का।

हूँ चितेरा युग-युग का
अरे, बदलूँगा बारंबार
इतिहास नया
कलियुग का।


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