चन्दा मामा कृष्ण कुमार यादव
चन्दा मामा, चन्दा मामा कितने प्यारे लगते हो तारों की ले बारात आसमां में चमकते हो प्यारी सी चाँदनी तुम्हारी जग को शीतल रखती है दुःख हर लेती, सुख भर देती सबको नव जीवन देती है तुम क्यों इतने दूर हमारे आ जाओ ले संग सितारे रात भर तुम हमें रिझाना फिर कभी न छोड़ के जाना।