अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली

मुख पृष्ठ
04.29.2014


घायल

वो पत्ता
सूखा, टूट गया
घायल है ज़मीं पर
सँभलकर चलना
चीखेगा बहुत
पाँव रखा जो......


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें