ज्योत्स्ना 'प्रदीप'

कविता
अमलतास (हाइकु)
एक आस (चोका)
कमल (हाइकु)
गुलमोहर (हाइकु)
गुलाब (हाइकु)
घायल
झरे पुष्प पात (हाइकु)
दूब (हाइकु)
पलाश (हाइकु)
पिता (चोका)
भेदभाव
मधुमालती (हाइकु)
वार
शुभ-सौन्दर्य (चोका)
सीलन
स्पर्श
हरसिंगार (हाइकु)