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ISSN 2292-9754

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04.23.2017


क्योंकि तू युवा है

राष्ट्र का गौरव है तू, परिवार का सम्मान है,
जो जल उठे लक्ष्य की चाह में,
जो ना रुके राह में,
ऐसी तेरी पहचान है,
कर इतना मनमोहक अपने स्वभाव को,
जैसे चलती सुबह की हवा है।
क्योंकि तू युवा है, क्योंकि तू युवा है॥

तू ही भविष्य है, तू ही इतिहास है,
तू ही बदलेगा भारत की काया,
तुझ में ही सबको विशवास है,
हर उद्देश्य में तू रहे सफल,
यही जन-जन की दुआ है।
क्योंकि तू युवा है, क्योंकि तू युवा है॥

मानवता से बढ़कर कोई धर्म नहीं,
परोपकार से बढ़कर कोई कर्म नहीं,
कोई धर्म बुरा नहीं होता,
बुरा होता इनसान है,
क्या हुआ जो हम अलग-अलग हैं,
पर शरीर में बहने वाला तरल तो एक है,
चाहे हो १८५७, या लोकपाल आंदोलन,
हर क्रांति का आरम्भ तुझी से हुआ है।
क्योंकि तू युवा है, क्योंकि तू युवा है॥

न कोई रोक सका है तुझको, न कोई रोक पायेगा,
क्षीण हो गयी है भारत की राजव्यवस्था,
उसका नवनिर्माण तुझे ही करना है,
महँगाई, ग़रीबी, भ्रष्टाचार एवं अपराध,
सबको दूर भगाना है,
तू सक्षम है, सबल है, समर्थ है,
समाज को देनी इक नई दिशा है।
क्योंकि तू युवा है, क्योंकि तू युवा है॥


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