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ISSN 2292-9754

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01.31.2016


तो कितना अच्छा होता!

आसमान में घास होती
धरती पर चाँद-सितारे
आग में फूल-तितली, जल में पैदल हरकारे
और हवा में धड़कन
तो कितना अच्छा होता?

सच कहूँ - उतना ही अच्छा होता
जितना किसी सड़े पेड़ संग हरियल पत्ता होता
जितना किसी नंगे देव के तन पर लत्ता होता!


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