लाँघनी पड़ती है पगडंडी बग़ैर लहूलुहान पाँवों से अकेले ही ख़ूंखार जंगल दुर्गम पहाड़ियाँ अँधेरी गुफाएँ प्राणघाती घाटियाँ यूँ ही कोई नहीं पहुँच जाता शिखर पर