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04.28.2007
 
एक जरूरी प्रार्थना 
जयप्रकाश मानस


मौत से पहले एक बार रूर
बीज देख सके
भरा-पूरा वृक्ष
डगाल पर ‘दहीमाकड़’ खेलते बच्चे
सबसे ऊपर फुनगी पर रचे घोंसला
घोंसले में अंडे सेती चिड़िया
ठंडी छाँह में सुस्ताते
बासी-पेज पीते चरवाहे
बाबा से सीखी बाँसुरी की पुरानी धुनें
मीठी हवा का सरसराकर गुजरना
इस सब के अलावा
सब कुछ में
एक पुष्ट बीज का सपना
देख सके मौत से पहले बीज
सदियों से सँजोया सपना

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