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04.28.2007
 
 चयन
जयप्रकाश मानस

दोनों तरफ
मिल सकता है सुख

इधर अकेले में
जिन्हें नहीं करनी पड़ती कोई लड़ाई
उधर लड़ाई में
शामिल होना पड़ता है
सबके साथ
भीतर-ही-भीतर

रास्ते का चुनाव
तुम्हें करना है

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