दीवान
ग़म नहीं हो तो
ज़िंदगी ...
चिराग हो के न हो दिल...
टूट जाने तलक
गिरा मुझको
प्यार में
उनसे करूँ शिकायत..
मुहब्बत का ही इक
मोहरा ...
सबकी सुनना,
अपनी करना
साया बनकर साथ
चलेंगे...
सिर्फ ख़यालों
में न रहा कर
हम ले के अपना माल जो..
हर कोई कह रहा है
...