हस्तीमल हस्ती

दीवान
ग़म नहीं हो तो ज़िंदगी ...
चिराग हो के न हो दिल...
चाहे जिससे भी वास्ता रखना
तुम क्या आना जाना भूले
टूट जाने तलक गिरा मुझको
प्यार में उनसे करूँ शिकायत..
फूल पत्थर में खिला देता है
मुहब्बत का ही इक मोहरा ...
रास्ता किस जगह नहीं होता
सबकी सुनना, अपनी करना
साया बनकर साथ चलेंगे...
सिर्फ ख़यालों में न रहा कर
हँसती गाती तबीयत रखिये
हम ले के अपना माल जो..
हर कोई कह रहा है ...