हरि जोशी

कविता
अपने अपने दायित्व
पसीने की कमाई
बुढ़ापा, एक बलिष्ठ मछुहारा
भगवान की कृपा से
संधिबिन्दु की खोज
सफलता पूर्वक जीने की शर्त
सोना और काम
व्यंग्य
अराजकता फैलाते हनुमानजी
एक शर्त भी जीत न पाया
कार्यालयों की गति
छोटे बच्चे - भारी बस्ते
बजट का हलवा
भारत में यौन क्रांति का सूत्रपात
लेखक के परिचय का सवाल
रंग बदलती टोपियाँ
वे वोट क्यों नहीं देते?
सिर पर उनकी, हमारी नज़र, हा-लातों पर
हमारी पार्टी ही देश को बचायेगी
होली और राजनीति
यात्रा संस्मरण
ज़ाइऑन नेशनल पार्क की यात्रा
लघु कथा
जिह्वा का वर्चस्व रहेगा
नींव
प्रतिभा का स्वागत
भीख
मालिक तो हम हैं
सौ-सौ चूहे खाकर बिलाव हज को चला
स्वागत के अलावा और कोई विकल्प नहीं
होनहार बिरवान के होत चीकने पात