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01.20.2008
 

जन्म दे मुझे भी माँ
गुरवरन सिंह


जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ,
मुझे अपनी कोख में न मार
तेरे दर्शन करना चाहती हूँ माँ
जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ,
लड़की हूँ तो क्या हुआ माँ, ख्याल मैं भी तेरा रखूँगी
पढ़-लिखकर मैं भी माँ, तेरा नाम चमकाऊँगी
अगर तू कहे तो मैं तेरा राज-दुलारा बनकर दिखाऊँगी
तेरी कोख में कर रही हूँ इंतज़ार माँ,
इस संसार में मुझे भी ले आ
जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ,
लोग लड़कों के जन्म पर खुश होते हैं,
तू मुझ लड़की को जन्म देकर खुशी मना
संसार को तू आज बता दे माँ कि –
मैं हूँ लड़कों से बढ़कर तेरी लड़की माँ
जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ,
तेरी गोद में सोना चाहती हूँ,
तेरी लोरियाँ सुनना चाहती हूँ माँ
प्यार की अनमोल परिभाषा
मैं तुझ से सीखना चाहती हूँ माँ
दुनिया में मुझे माँ तू ही ला सकती है
मेरा तो भगवान है तू माँ
जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ,
तेरे जो सपने हैं, उनको मैं पूरा करूँगी माँ,
जो तू कहे वो मैं करूँगी माँ,
न मैं माँगूगी महँगे कपड़े,न माँगूगी कुछ और
माँगूगी तो बहुत सारा तेरा प्यार, माँ
जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ,
मेरी शादी के खर्च से परेशान न हो माँ,
मैं खूब मेहनत करूँगी और पैसा कमाऊँगी
तुझ पर कभी बोझ नहीं बनूँगी माँ,
दहेज की फिक्र न कर, मैं हूँ न तेरी बेटी माँ
क्योंकि लड़की है आज लड़कों के बराबर माँ
जन्म दे मुझे भी माँ, जन्म दे मुझे भी माँ


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