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ISSN 2292-9754

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03.16.2017


नूपुर

नूपुर मेरे
भावों के
भीतर छिपे गहराई में
पैरों के खट खट खट आहट पर
मौन शब्दों में झन झन झन.....

नूपुर मेरे
सिसकते लम्हों में
अपनी ही तन्हाइयो में दबकर
टूटे सपनो के सरर सरर सरर हवा के
मौन शब्दों में झन झन झन.....

नूपुर मेरे
दोषी नहीं उन पंक्तियों के
जो शब्दों में समा चुके
समय के टिक टिक टिक में रहकर
मौन शब्दों में झन झन झन...


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