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ISSN 2292-9754

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04.13.2017


रिश्तों के पुल

आँखों के समंदर में
विश्वास कीगहराई से
बन जाते हैं
रिश्तों के पुल

दिलों का आवागमन
जज़्बातों का आदान प्रदान
कराते हैं
रिश्तों के पुल

दायरे होते हैं इनके
बंधनों की रेलिंगे लगाते हैं
रिश्तों के पुल

वॉरंटी दिखती नहीं
पर प्यार का भार
जन्म भर उठाते हैं
रिश्तों के पुल

चेतावनी भी नहीं दिखती
अहं की हल्की सी ठोकर से
काँच से चटक जाते हैं
रिश्तों के पुल


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