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ISSN 2292-9754

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01.12.2016

 

चलो सुनाओ नयी कहानी
दिविक रमेश



अगर सुनानी तो नानू बस
झट सुना दो एक कहानी
देर करोगे तो सच कहती
अभी बुलाती हूँ मैं नानी

बोली डोलू बहुत ’बिजी‘ हूँ
तुम तो नानू बिल्कुल खाली
कितने काम पड़े हैं मुझको
नहीं मैं ज्यादा रुकने वाली

टीवी अभी देखना मुझको
होम वर्क अभी करना है
कम्प्यूटर पर अभी खेलना
फोन सहेली से करना है

नानू इसीलिए कहती हूँ
झट कहानी मुझे सुनाओ
चली गई तो पछताओगे
मत इतना नानू इतराओ

नहीं आऊँगी नानू फिर मैं
चॉकलेट भी अगर दिखाओ
शुरू करो अब शुरू करो न
चलो कहानी अभी सुनाओ।

सोचूँगी नानू हैं बुद्धू
अगर सुनाई नहीं कहानी
पुस्तक से ही पढ़ लूँगी मैं
एक नई से नई कहानी।
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