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| 09.05.2007 |
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बूढ़ी माँ |
| बूढ़ी माँ ने धोकर दाने आँगन में रख दिए सुखाने धूप पड़ी तो हुए सुहाने आई चिड़ियाँ उनको खाने आओ बच्चो आओ चलकर बूढ़ी माँ की मदद करें हम चलो उड़ा दें दानों पर से बजा बजा कर ताली हम तुम वर्ना सोचो क्या खाएगी वह तो भूखी रह जाएगी चिड़ियों की यह फौज नहीं तो सब दानें चट कर जाएगी। आओ बच्चो आओ चलकर बूढ़ी माँ का काम करें हम नहीं हैं बच्चे उनके घर में चलो न चलकर काम करें हम |
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