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ISSN 2292-9754

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03.15.2015


सुन मीठे बोल बिका है शायद

सुन मीठे बोल बिका है शायद
दिल छोटा-सा बच्चा है शायद।

दाद मिली है लोगों से मुझको
मैंने कुछ झूठ कहा है शायद।

हर आहट चौंका देती हमको
हम सबमें चोर छुपा है शायद।

फिर से बेचैन हुआ दिल मेरा
तूने मुझको सोचा है शायद।

कहती है आज चमक आँखों की
कोई इंसान दिखा है शायद।

दिल टूटे तो शोर नहीं होता
कोई शीशा टूटा है शायद।

बहका देता इश्क़ जिसे भी हो
'विर्क' तुझे रोग लगा है शायद।


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