दिलबाग विर्क

दीवान
दर्द देगी यहाँ साफ़गोई सदा
न चाहा बेवफ़ा की याद में...
पा रहा दिल यहाँ साथ भरपूर है
राह ख़ुदा की पाई है
सिखाना छोड़, होंठों पर....
सीख ले धूप की तल्खियाँ झेलना
सुन मीठे बोल बिका है शायद
हर सू हर शै में...
लघुकथा
रिश्ते