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08.23.2008
 

मीठी स्मृति
धवन भगत


चंदन चमेली सी महक
जब भी आए
आत्म सात करे
कड़वी स्मृति
सीले मौसम की सुलगती अग्नि
जब भी आए
तन मन तडपाये
स्मृति तो है
एक रोशन द्वीप
जब भी आए
मन चमकाए


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