अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
05.01.2017


सूर्यास्त

पहले सूरज खेतों में था
अब सूरज आसमान में है

पहले बालियाँ सुनहरी थी
अब बालियों का रंग पीला है

पहले सूरज हीरे के दाँतों से मुस्करा रहा था
अब सूरज लाल जल के टैंक में डूबा है

पहले सूरज धूप में चमकती चाँदी की तस्तरी थी
अब सूरज बैगनी साड़ी मे लिपटा गोलक है

पहले गायें यहाँ चर रही थीं
अब गायें गोधूली में लौट रही हैं।


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें