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| 05.17.2009 |
| 25 हाईकू धर्म प्रकाश जैन |
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जीवन एक समझौता परक मृत्यु अनेक। 2 पारदर्शिता आफिस के हिसाब का जाल तंत्र । 3 मजबूरियाँ कर नहीं सकते अहसास से। 4 जानवर का आदमी का वजूद कुछ खास है। 5 सहज गुण संयम नियंत्रण श्रेष्ट लक्षण। 6 पर्यावरण बरसात के बाद शुभ्र धवल। 7 सब ऊपर हृदय समर्पण उल्टी मटकी। 8 कभी कभी ही रात काली होती है दिवाली पर। 9 अपनत्वता परिणति स्वीकृति स्वार्थरतता। 10 विस्मय बोध पलटा तिलचट्टा अच्छा न बुरा। 11 आत्म विश्वास गहरा हो भले ही अंतिम नहीं । 12 असमर्थता उचित अनुचित निरर्थक है । 13 मीठा स्वर अहंकार प्रबल अपरिचित। 14 वैकल्य ज्योति सरकता प्रकाश उदास स्थिति । 15 तुम्हारा घर हो अपनत्वहीन जग निःसार । 16 त्रिघातीय से बड़ा है कम्प्यूटर इंटरनेट । 17 कृत्रिम पुष्प प्लास्टिक संवेदना सुरुचिपूर्ण ? 18 मन मस्तिष्क प्रतिस्पर्धा रहित सदा पुष्पित । 19 आया सावन नहीं सुनी दादुर की टर्र टर्र । 20 नम्र तकड़ी धूप की उदारता साधु चरित्र। 21 चम्पा के फूल हँसती विहरिणी वीरान पथ । 22 प्रतिबिम्ब है वास्तविक वस्तु का शायद भ्रम । 23 नारंगी पट टीक की अलमारी खाली रिक्तता। 24 मुँह चढ़ाते एक मौत हुई है सन्नाटा छाया। 25 पहले कि मैं बोलूँ अपनी बात खत्म हो गई। |
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