बहारों का आया है मौसम सुहाना देवी नागरानी
बहारों का आया है मौसम सुहाना नये साज़ पर कोई छेड़ो तराना। ये कलियाँ, ये गुंचे ये रंग और ख़ुशबू सदा ही महकता रहे आशियाना। हवा का तरन्नुम बिखेरे है जादू कोई गीत तुम भी सुनाओ पुराना। चलो दोस्ती की नई रस्म डालें हमें याद रखेगा सदियों जमाना। खुशी बाँटने से बढ़ेगी ज़ियादा नफ़े का है सौदा इसे मत गँवाना। मैं देवी ख़ुदा से दुआ माँगती हूँ बचाना, मुझे चश्मे-बद से बचाना।