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ISSN 2292-9754

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06.28.2014


बेबसी की तरह बेकली की तरह

बेबसी की तरह बेकली की तरह
कैद हूँ मैं घड़े में नदी की तरह

खोके इंसानियत और किरदार को
हो गये लोग हैवान ही की तरह

ब्रह्म का ज्ञान जब प्राप्त मुझको हुआ
मौत लगने लगी ज़िन्दगी की तरह

सुख के सागर सी लहरायगी ज़िन्दगी
लीजिये रञ्जो-ग़म को ख़ुशी की तरह

बेख़ता होके भी दंड पाता हूँ -देव
मेरा जीवन है सीता सती की तरह


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