दीपा जोशी

कविता
अश्रु नीर
आयी होली आयी
आस्था और विश्वास.......
किससे माँगें अपनी पहचान
कौन ये?
जुदाई
नयन बावरे गए आज भर
ढाई आखर प्रेम का
पाहुन
पीड़ा
बैरी उर
भ्रष्टाचार
माँ
माँ की व्यथा
यादें
सूना जीवन
स्पर्श