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ISSN 2292-9754

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02.19.2016


आयी होली आयी

आयी होली आयी
बजने लगे
उमंग के साज
इन्द्रधनुषीय रंगों से
रंग दो
पिया आज

न भाए रंग
अबीर का
न सोहे
रंग गुलाल
नेह के रंगों से पिया
रंग दो
चुनरिया लाल

न जानूँ बात
सुरों की
है अनजानी
हर ताल
होली के मद में नाचूँगी
तुम संग
हो बेसुध बिन साज

बाट तुम्हारी
मैं जोहूँगी
नयन बिछाए
हर राह
भूल न जाना
बात मिलन की
आई होली आज


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