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ISSN 2292-9754

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02.19.2016


उस सर्द मौसम में

उस सर्दी में
जब तुम्हारे हसीन
चेहरे पर
जमी
ओस की सुनहरी बूँद चमकी,

मेरे दिल में, उन्होंने, तमन्नाओं के
सारे दरवाज़े खोल दिए

समेट लिया तुम्हें
हमेशा के लिए
तुम्हारी सच्ची मोहब्बत पर
मुझे
आज भी
नाज़ है गीत....!


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