अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली
ISSN 2292-9754

मुख पृष्ठ
02.19.2016


सर्द मौसम

इस सर्द मौसम में
जब भी सर्द हवा
मुझे छूती है,
तो वही अहसास मेरे दिल को
झंझकोर जाते हैं
जो तुमने दिए थे
उस सर्दी के
पहले मिलन पर !...

सर्द हवा गुनगुनाकर
स्पर्श होकर
अहसास कराती है
तुम्हारे
मखमली बदन की ख़ुशबू का!

तुम और मैं,
यहीं कहीं आस-पास खोये हुए हैं
इस सर्द मौसम में....


अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें