रंग-बिरंगे गुब्बारे डॉ० भावना कुँअर
रंग बिरंगे-नीले पीले, हैं गुब्बारे खूब सजीले। इन्द्रधनुष के रंगों जैसे, झटपट दे दो अब तुम पैसे। जो भी चाहो ले लो तुम, जी भर के फिर खेलो तुम।