बलबीर माधोपुरी


कविता

माँ बताती है
(अनुवाद : सुभाष नीरव)
मेरा बुजु़र्ग
(अनुवाद : सुभाष नीरव)
घोड़ा और बुज़ु़र्ग
(अनुवाद : सुभाष नीरव)
सिकुड़ता बिन्दु
(अनुवाद : सुभाष नीरव)