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ISSN 2292-9754

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02.20.2015

 
परिचय  
 
नाम : बी.एन. गोयल
अपने बारे में : लगभग 40 वर्ष भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय, सूचना प्रसारण मंत्रालय तथा विदेश मंत्रालय में विभिन्न पदों पर कार्य किया। सन 2001 में आकाशवाणी महानिदेशालय के कार्यक्रम निदेशक (Director of Programmes) पद से सेवा निवृत्त। भारत में और विदेश में विस्तृत यात्रायें की। भारतीय दूतावास में शिक्षा और सांस्कृतिक सचिव के पद पर कार्य किया। यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्ट इंडीज़ में हिंदी शिक्षण। शैक्षणिक तौर पर विभिन्न विश्व विद्यालयों से पाँच विभिन्न विषयों में स्नातकोत्तर किया।
प्राइवेट प्रकाशनों के अतिरिक्त भारत सरकार के प्रकाशन संस्थान, नेशनल बुक ट्रस्ट के लिए पुस्तकें लिखी। सेवा निवृत्ति के बाद पाँच वर्ष तक 'मॉस कम्युनिकेशन संस्थान में रेडियो प्रसारण एवं पत्रकारिता का अध्यापन किया। इंदिरा गांधी मुक्त विश्व विद्यालय तथा जामिया मिलिया विवि के मीडिया सेंटर में परीक्षक तथा परीक्षा पेपर की कमेटी का सदस्य। इग्नू के मीडिया सेंटर के लिए हिंदी पुस्तकें तैयार की।
बचपन से ही पढ़ने का पागलपन या जनून था। 12 वीं करते करते हिंदी कथा साहित्य और हिंदी में अनूदित टैगोर, बंकिम चन्द्र और विमल मित्र का कथा साहित्य पढ़ लिया था। आज जब पीछे मुड़ कर देखता हूँ तो आश्चर्य होता है की विमल मित्र के 1000 से अधिक पृष्ठों के उपन्यास 'इकाई दहाई सैंकड़ा', 'खरीदी कौड़ियों के मोल' तथा 'साहिब बीबी ग़ुलाम' कैसे पढ़ दिए थे। हिंदी के भक्ति कालीन काव्य के अतिरिक्त अंग्रेज़ी के मिल्टन और टामस ग्रे तथा उर्दू के ग़ालिब और फेज़ के प्रति विशेष रुचि रही है। पढ़ने में विषय का कोई बंधन नहीं। अपने घरेलू पुस्तकालय में कला, सभ्यता, संस्कृति, इतिहास, भारतीय दर्शन, धर्म, अध्यात्म, ज्योतिष, समाज विज्ञान, मनोविज्ञान आदि विभिन्न विषयों की लगभग 500 से अधिक पुस्तकें हैं। कला और संस्कृति पर स्वतंत्र लेख लिखने के साथ राजनीतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक विषयों पर नियमित रूप से भारत और कनाडा के समाचार पत्रों में विश्लेषणात्मक टिप्पणी लिखता रहता हूँ।
सम्पर्क : bngoyal@gmail.com