संसार में कहीं पर आकाश फट पड़ेगा कोई पेड़ कट गिरेगा झंझा कोई तुफ़ान कोई बाढ़ या आकाल
नहीं
प्रलय के लिये बस काफी है एक शब्द जो हृदय चीर जाये ये एक बाण ही तमाम नगरों को ध्वंस कर देगा
क्योंकि
दुनियाँ तो सिर्फ़ दिल की है दुनियाँ तो सिर्फ़ दिल से है दुनियाँ तो सिर्फ़ दिल में है