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04.08.2007

 
परिचय  
 
नाम : अनिल प्रभा कुमार
जन्म : दिल्ली में।
शिक्षा : दिल्ली विश्वविद्यालय से हिन्दी आनर्स और एम.ए. करने के बाद आगरा विश्वविद्यालय से हिन्दी के सामाजिक नाटकों में युगबोध विषय पर शोध  करके पी एच.डी. की उपाधि पाई।
संप्रति : विलियम पैट्रसन यूनिवर्सिटी, न्यूजर्सी में हिन्दी भाषा और साहित्य का प्राध्यापन कर रही हूँ। लगता है फिर से छूटे हुए सिरे हाथ में आ रहे हैं।  दो तीन वर्षों से कहानियाँ और कविताएँ अपने आप लिखी जा रहीं हैं।
कार्यक्षेत्र:

 1967 से 1972 तक दिल्ली दूरदर्शन पर हिन्दी त्रिका और युवा पीढ़ी कार्यक्रमों में व्यस्त रही। 1967 में ज्ञानोदय के नई कलम विशेषांक में  खाली दायरे कहानी पर प्रथम पुरस्कार पाने पर लिखने में प्रोत्साहन मिला। कुछ रचनाएँ आवेश, संचेतना, ज्ञानोदय और धर्मयुग में भी छपीं।

1972  से अमरीका में आ कर बस गई हूँ। 1982 तक न्यूयार्क में वायस आफ अमरीका की संवाददाता के रूप में काम किया और फिर अगले  सात वर्षों तक विज़न्यूज़ में तकनीकी संपादक के रूप में। इस दौर में कविताएँ लिखीं। फिर जिन्दगी के इस तेज बहाव में लिखना हाथ से  छूटता ही गया।