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02.15.2009
 

प्यार किया है मैंने
अवनीश कुमार गुप्ता


प्यार किया है मैंने
सिर्फ़ तुमसे नहीं

तुम्हारे विचारों से भी
तुम्हारी श्रद्धा से, भावों से भी

तुम्हारे रीति-रिवाजों से
तुम्हारे घर के संस्कारों से

तुम्हारे नयन के कोरों से छलकते पानी से
तुम्हारे घर-मोहल्ले की भोली कहानी से

तुम्हारी बेवजह की परेशानियों से
तुम्हारी मासूम सी नादानियों से

मेरी मुश्किलें सुलझाते जवाबों से
मेरी परेशानी बढ़ाते सवालों से

तुम्हारी मन्दिर की आराधना से
तुम्हारी प्रेम की साधना से

और इन सब में आकंठ डूबी हुई
मैंने तुमसे प्यार किया है


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