| अन्तरजाल पर साहित्य प्रेमियों की विश्राम स्थली |
![]() |
मुख्य पृष्ठ |
| 08.28.2007 |
|
किसान नंबर वन? अविनाश वाचस्पति |
|
बिग बी दानवीर बनने चले पर ऐसी माया बरपी कि दान करने का ख्याल ही मन से
जाता रहा। कोशिश तो बहुत की पर हल न चल पाया। जो जमीन उनकी थी ही नहीं उस
पर दान का हल कैसे चलायेंगे?
अब तो सीरीयल केबीके का प्रसारण ही हो सकता है कौन बनेगा किसान?
रील और रियल लाईफ की रियलिटी बिग बी की समझ में नहीं आ पाई।
बिग बी रील लाईफ में
’विजय‘
नामक पात्र निबाहकर विजयश्री का वरण करते-करते ख्वाबों ख्यालों में इस तरह
डूबे कि सच्चाई से नाता ही तोड़ दिया। किसान का रोल वे सच्चाई में नहीं करना
चाहते थे इसमें भी सिर्फ कमाई की चाह कुलांचे मार रही थी।
उपकार फिल्म में मनोज कुमार ने
’मेरे
देश की धरती गाकर सोना उगले‘
गाकर अपना और
’भारत‘
का खूब नाम बुलंद किया। पर कभी जमीन के लालच में किसान बनने का दावा नहीं
किया।
पर बिग बी उर्फ
’विजय‘
का किस्सा अद्भुत है। हमारे शहंशाह ने कभी परदे पर भी हल नहीं चलाया पर फिर
भी किसान नंबर वन की पदवी के हकदार बनने के लिए डटे हुए हैं और खबर मिली है
कि बिग बी केबीके सीरीयल के निर्माण में घनघोर रूप से बिजी हैं और जिन
फिल्मों का निर्माण कर रहे हैं अथवा करवा रहे हैं उनमें वे उन किसान भाईयों
को,
जिनकी उन्होंने जमीन हथियाई है,
खेती के नवीनतम तरीके सिखला रहे हैं।
बिग बी की शीघ्र ही फलोर पर जाने वाली फिल्मों के टाईटल्स की बानगी देखिये
- किसान,
मैं हूँ किसान,
किसान का बेटा,
किसान नंबर १,
किसान और किसान,
किसान का किस,
किस्सा किसान का - इन सभी फिल्मों में अमिताभ बच्चन और अभिषेक बच्चन प्रमुख
भूमिकाओं में नजर आयेंगे। इन फिल्मों को डिफरेंट लुक देने के लिए इसमें
बतौर हीरोईनी १६ की भी नहीं ८ - ८ साल की दो कन्याओं को लिया जायेगा।
पाठक अनुमान लगा सकते हैं कि इनमें से किसान का किस,
किसान नंबर वन और किस्सा किसान का फिल्में खूब धमाल मचायेंगी।
इन फिल्मों में वे कम्प्यूटर कमांडों का बड़े ही दमदार तरीके से उपयोग कर
रहे हैं। किसी के भी बीजों को कापी करके अपनी जमीन पर पेस्ट करके पैदावार
बढ़ा रहे हैं। फलों और सब्जियों के भंडार के भंडार कापी,
एडिट और पेस्ट स्पेशल करके,
उनकी खामियों को डिलीट कर,
एक से एक उम्दा रूप में अवेलेबल करवा रहे हैं। और तो और इंटरनेट पर वे
विश्व के किसानों से चैटिंग करके स्वयं को भारतवर्ष का किसान नंबर वन साबित
करने में दीवानों की तरह जुट गये हैं
वो अलग बात है कि अब उम्र साथ नहीं दे रही और उनके हाथ पैर फूल रहे
हैं और सांसें धौंकनी की तरह चल रही हैं।
इसमें नायिका की भूमिका के लिए खलनायिका स्टाइल की अभिनेत्री की तलाश जारी
है। जो टुनटुन और ललिता पवार का शारीरिक और चारित्रिक संगम हो,
जिससे फिल्म में जीवंतता आ सके। इस अभिनेत्री का इसमें आइटम सांग भी रखा
जायेगा। फिल्मों को किसानी टच देने के लिए मक्का,
सरसों,
गन्ने इत्यादि बोने की विधियों का शुमार किया जायेगा और इन खेतों की
उपयोगिता बतलाई जायेगी। किसानी सब्जेक्ट पर थीम सांग की रचना ए आर रहमान से
कराई जायेगी,
मेंहदी पर एक पंजाबी गीत लिखने के लिए दलेर मेंहदी को अनुबंधित किया गया
है। फिल्म को सिर्फ राष्ट्रीय ही नहीं,
आस्कर में जिताने का फर्जीवाड़ा तैयार करने के लिए एक डॉन को अनुबंधित किया
गया है। डॉन के नाम का खुलासा तो किया नहीं जा सकता है। |
| अपनी प्रतिक्रिया लेखक को भेजें
|