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12.30.2007
 
साथ रहते हैं
अशोक वशिष्ट

कौन कहता है दर्द होने से अश्क बहते हैं?
उसके प्यार की सौगात हैं, साथ रहते हैं।

उसके नाम पर ये आँखें भर ही जाती हैं,
देखने वाले तो कुछ और ही समझते हैं।

उसके नाम में संगीत भी है, आनंद भी है,
यही कारण है कि उसे परमानंद कहते हैं।

अब मैं उसके साथ, वो मेरे संग रहता है,
बहुत मजे में हैं और साथ साथ बसते हैं।

मैं उसे प्यार अपना, यार अपना कहता हूँ,
कहने वाले तो बस, खुदा उसको कहते हैं।

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