अशोक वशिष्ट


कविता

उसको देखना चाहूँ
तू सबसे सुंदर है
बातें क्यों करते हो?
अच्छा नहीं है लगता
तू जो साथ तो
सुंदर उपहार

शायरी

इन्तज़ार रहता है
ल्फ़त या इबादत
तेरे होने से
तेरी महक
प्यार की मस्ती
हुनर सीख लिया
रूह को मौत नहीं आती
परेशान है आदमी
साथ रहते है