अशोक परुथी "मतवाला"

कहानी
अंतर
उसकी मौत
पिंजरे के बंद पंछी
भूख
मजबूरी
व्यंग्य
अली बाबा और चालीस चोर
आज मै शर्मिंदा हूँ?
काश, मैं भी एक आम आदमी होता
ज़हर किसे चढ़े?
जायें तो जायें कहाँ?
टिप्पणी पर टिप्पणी!
डंडे का करिश्मा
दुहाई है दुहाई
भक्त की फ़रियाद
भगवान की सबसे बड़ी गल्ती!
रब्ब ने मिलाइयाँ जोड़ियाँ...!
राम नाम सत्य है।
रेडियो वाली से मेरी इक गुफ़्तगू
कविता (व्यंग्य)
अहसास!
आजकल के शरवन!
ईर्ष्या
कुँआरा राहुल गाँधी
तरक्की
निराला तांगे वाला!
नेता जी!
फिर मिलेंगे!
बिजली क्यूँ चमके, बादल क्यूँ गरजें?
समस्या का समाधान
हवालात
होली?
लघुकथा
बिजली चमकने का रहस्य?
पुस्तक समीक्षा / चर्चा
लोकजीवन की शक्ति से जुड़े सामर्थ्यवान व्यंग्यकार अशोक परूथी "मतवाला" - फारूक़ आफरीदी