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06.27.2007
 
रबर की चप्पल
अशोक गुप्ता

मैं उनको स्कूल जाते देखता
घिसे पुराने कपड़ों में,
कुछ रबर की चप्पल पहने,
कुछ नंगे पैर।

और मैं अपने आप से कहता,
“एक दिन जब मैं बड़ा होऊँगा
तो एक ट्रकभर चप्पल खरीदकर
उनके सामने ढेर लगा दूँगा।”


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