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| 07.02.2007 |
| कैसे मैं
समझाऊँ अशोक गुप्ता |
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क्या नज़दीकी या दूरी का तुम सरहद के पार बसी हो तुमको हो गर ईद मुबारक बदली किसकी नदिया किसकी क्या नज़दीकी या दूरी का |
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