अशोक अंजुम

दीवान
खाना-पीना, हँसी-ठिठोली
झिलमिल-झिलमिल जादू-टोना
बरसना था नहीं बरसे
बात बिगड़ी, ऐसी बिगड़ी
वफ़ाएँ लड़खड़ाती हैं
कविता
कबिरा खड़ा उदास
खोल के गठरी
गीत क्या है?
समय से माफ़ी
संवाद नहीं रहता