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ISSN 2292-9754

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05.03.2016

 
परिचय  
 
नाम : आशा पाण्डेय ओझा
जन्म : २५ अक्टूबर 1970 को ओसियां जिला जोधपुर राजस्थान
शिक्षा : प्राम्भिक शिक्षा दादी के पास छतीसगढ़ में बिल्हा में हुई बाक़ी की स्कूली
शिक्षा ओसियां में, बी.ए.(जोधपुर), लॉ., एम.ए. (हिन्दी)
लेखन : लेखन में बचपन से ही अभिरुचि रही पहली कविता जब आंठवीं कक्षा में थी अख़बार में प्रकाशित हुई।
गीत, ग़ज़ल, कविता, हाइकु, आलेख, शोध पत्र आदि हर विधा में
कई राज्यों के कई शहरों में आपका विभिन्न संस्थाओं व अकादमियों द्वारा सम्मान हुआ
प्रकाशन : प्रकाशित पुस्तकें: बूँद समुद्र के नाम (काव्य ), एक कोशिश रोशनी की ओर (काव्य), त्रिसुगंधि सम्पादित (गीत, ग़ज़ल, कविता), ज़र्रे ज़र्रे में वो है, वक़्त कि शाख से
शीघ्र प्रकाश्य पुस्तकें: पांखी हाइकू संग्रह, एक कहानी संग्रह व ग़ज़ल मुक्तक संग्रह
देश की 225 से अधिक विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं व ई-पत्रिकाओं में कविताएँ, मुक्तक, ग़ज़ल, क़तआत, दोहा, हाइकु, कहानी, व्यंग्य, समीक्षा, आलेख ,निंबंध, शोधपत्र प्रकाशित हो चुके हैं।
सेमीनार, कार्यशालाओं
में भागीदारी
:
हिंदी के तीन अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार में भी भाग लिया अब तक 50 से अधिक राष्ट्रीय, अंतर्राष्ट्रीय साहित्य संगोष्ठियों में भाग लिया 20 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किये।
सम्मान : उपखण्ड प्रशासन पोकरण द्वारा वर्ष दो हज़ार सैट में सम्मानित, कवि तेज पुरस्कार जैसलमेर, राजकुमारी रत्नावती पुरस्कार जैसलमेर, महाराजा कृष्णचन्द्र जैन स्मृति सम्मान एवं पुरस्कार पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांग (मेघालय) साहित्य साधना समिति पाली एवं राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर द्वारा अभिनंदन, वीर दुर्गादास राठौड़ साहित्य सम्मान जोधपुर, पाँचवे अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विकास सम्मलेन ताशकंद में सहभागिता एवं सृजन श्री सम्मान, प्रेस मित्र क्लब बीकानेर राजस्थान द्वारा अभिनंदन,मारवाड़ी युवा मंच श्रीगंगानगर राजस्थान द्वारा अभिनंदन, साहित्य श्री सम्मान संत कवि सुंदरदास राष्ट्रीय सम्मान समारोह समिति भीलवाड़ा राजस्थान, सरस्वती सिंह स्मृति सम्मान पूर्वोत्तर हिंदी अकादमी शिलांग मेघालय, अंतराष्ट्रीय साहित्यकला मंच मुरादाबाद के सत्ताईसवें अंतराष्ट्रीय हिंदी विकास सम्मलेन काठमांडू नेपाल में सहभागिता एवं हरिशंकर पाण्डेय साहित्य भूषण सम्मान, राजस्थान साहित्यकार परिषद कांकरोली राजस्थान द्वारा अभिनंदन, श्री नर्मदेश्वर सन्यास आश्रम परमार्थ ट्रस्ट एवं सर्व धर्म मैत्री संघ अजमेर राजस्थान के संयुक्त तत्वावधान में अभी अभिनंदन, राष्ट्रीय साहित्य कला एवं संस्कृति परिषद् हल्दीघाटी द्वारा काव्य शिरोमणि सम्मान, राजस्थान साहित्य अकादमी उदयपुर एवं साहित्य साधना समिति पाली राजस्थान द्वारा पुन: सितम्बर २०१३ में अभिनंदन सलिला साहित्य रत्न सम्मान 2014,गंगा ज्ञानेश्वरी सम्मान जलगांव 2015, , डायमंड ऑफ इण्डिया अवार्ड करनाल 2015, डायमंड ऑफ इंडिया अवार्ड 2015 करनाल हरियाण, रत्न ए हिंदुस्तान सम्मान 2015 घरोंडा हरियाणा व राष्ट्रीय गौरव सम्मान लखनऊ, ताज-ऐ-हिंदुस्तान सम्मान गुड़गांव मिल चुके हैं, प्राइड ऑफ़ कंट्री सम्मान करनाल, विधा वाचस्पति की उपाधि विक्रम शिला विद्यापीठ भागलपुर, मिडिया मैत्री सम्मान, साहित्य श्री सम्मान गायत्री संस्थान दिल्ली
संप्रति : जोधपुर हाई कोर्ट में प्रेक्टिस
अभिरुचि : लेखन पठन, फोटोग्राफी, चित्रकारी पर्यटन के साथ समाज सेवा में भी आपकी विशेष रुचि
कविता, नृत्य, गायन, वाद-विवाद, निबंध, प्रतियोगिताओं कई बार कॉलेज व स्कूल स्तर पर प्रथम पुरस्कर भी मिले।
कई कार्यक्रमों में मंच संचालन भी किया लेखन व समाज सेवा को ज़िंदगी का अहम हिस्सा
गतिविधियाँ : कन्या भ्रूण हत्या रोकथाम हेतु कई प्रतियोगिताएँ व कार्यक्रम करवा चुकी हैं । लगभग दस सालों तक विभिन्न शहरों में बच्चों को चित्रकारी, सेरेमिक पेंटिग्स व बेस्ट फ्रॉमवेस्ट का नि:शुल्क प्रशिक्षण दिया।
जैसलमेर जिले में कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए दो साल तक महिला दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में योग्यता रखने वाली 60 से अधिक बालिकाओं व महिलाओं का 500 की राशि सहित अभिनंदन पत्र व स्मृति चिन्ह भेंट किये।
सन दो हज़ार छह में जैसलमेर में आई बाढ़ में आपने सवा तीन लाख रुपये नगद व दो ट्रक सामग्री एकत्रित कर जिला कलक्टर को सुपुर्द की।
त्रिसुगंधि साहित्य कला एवं संस्कृति संस्थान के बेनर तले २०१३ में जालोर राजस्थान में एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन कर 27 साहित्य, कला एवं संस्कृति मर्मज्ञों का सम्मान व 21 साहित्यकारों, समाज सेवियों, संस्कृति संरक्षकों का शाल, साफा, उपरणा व स्मृति चिंह से अभिनन्दन किया ।
2015 में पिण्डवाडा राजस्थान में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 21 महिलाओं का 8 मार्च को महिला दिवस पर शाल, साफा, स्मृति चिन्ह से सम्मान किया।
7/8 मई 2015 को अपने पिता श्री शिवचंद ओझा ओसियां की स्मृति में ही पिण्डवाडा में दो दिवसीय राष्ट्रीय साहित्य, कला एवं संस्कृति समारोह कर 15 साहित्य, कला एवं संस्कृति संरक्षकों का सम्मान जिनमें से तीन सम्मान 2100 की राशि व सभी को शाल साफा उपरणा, अभिनंदन पत्र एवं स्मृति चिन्ह भेंट किये, व 6 गोष्ठियां आयोजित कीं।
विश्व पर्यावरण दिवस २०१५ को पिण्डवाडा शहर के लखोटिया तालाब की सफाई की कई कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर।
१० जून 2015 को रेलवे स्टेशन पिण्डवाडा की सफाई में रेल विभाग का योगदान किया।
इस तरह समय-समय पर पिछले 15 साल से साहित्य, समाज, कला व संस्कृति के क्षेत्र में अपना योगदान दे रही हैं।
सदस्य : त्रिसुगन्धि साहित्य, कला व संस्कृति संस्थान पाली, राजस्थान संस्थान
की संस्थापिका व अध्यक्ष
सम्पर्क : asha09.pandey@gmail.com