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ISSN 2292-9754

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06.29.2017


कैसा होता गाँव

मम्मी जी तुम मुझे बताओ कैसा होता गाँव?

कैसा पनघट कैसा पोखर,
कैसी ताल-तलैया?
कैसा होता है चरवाहा,
कैसी होती गइया?
कैसे बहे गाँव में नदियाँ,
पुरवाई क्या होती?
पेड़ों की ऊँची डाली पर,
चिड़िया कैसे सोती?
मम्मी जी कैसी होती है देखूँ पीपल छाँव?

गेहूँ दाल चना चावल की,
खेती कैसे होती?
ये किसान की धरती मइया,
सोना कैसे देती?
चलकर मुझको एक बार तुम,
ऐसा गाँव दिखाओ।
चलो शहर से दूर चलो अब,
मुझको गाँव घुमाओ।
नदी किनारे जा देखूँगा कैसी होती नाव?


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