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ISSN 2292-9754

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05.21.2016


दीवाली

दीवाली आयी, जगमग दीप जलाओ।

भारत से दूर प्रवासी हैं हम,
विदेशभूमि के वासी हैं हम,
दीवाली के शुभदिन पर,
शुभकामनायें बरसाओ।

दीवाली आयी, जगमग दीप जलाओ।

लक्ष्मी पूजन हो घर-घर में,
आरती हो मंगलमय स्वर में,
निज भावों के दीपदान पर
स्नेह प्रदीप जलाओ।

दीवाली आयी, जगमग दीप जलाओ।

हम न भूलें संस्कृति अपनी,
संस्कार और सद्‍वृत्ति अपनी,
असत` पर सत` की जय हो,
मन्त्र यही दोहराओ।

दीवाली आयी, जगमग दीप जलाओ।


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