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| 12.26.2007 |
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पंडितजी |
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पंडितजी, रामराम,
बोले,”कहो घनश्याम,
आपकी दुआ है,
शिवशिव
पैर छू कर जाने को हुआ
क्या घनश्याम सबके सामने कहते हो
सुन मैं कुछ हैरान हुआ |
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