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05.15.2014


कैसे कह दूँ सब ठीक है?

कैसे कह दूँ सब ठीक है?
जब नयनों मे भरा नीर है,
न भूख लगे, न प्यास जगे,
चारों तरफ सब सूना सूना सा लगे,
दिल की हालत गंभीर है -
कैसे कह दूँ सब ठीक है ?

जी करता रो लूँ दम भर
इन अश्कों का सैलाब उड़ेल कर,
फिर खाली कर लूँ मयख़ाना
एक दर्द नया सीने मे भरकर,
मेरी किस्मत ग़मगीन है -
कैसे कह दूँ सब ठीक है?

ना तुम्हें पता हो है क्या हो रहा,
ना मुझे पता दिल क्यों धड़का
फिर सपनों मे यह क्यों चहका
इन लम्हों मे क्यों है बहका
अखियाँ तेरी शमशीर हैं -
कैसे कह दूँ सब ठीक है?

शायद ये जज़्बा प्यार का है,
मीठे मीठे एहसास का है,
कोई दिल की तह तक पहुँच रहा
और कोई खुशियों को है बिखेर रहा
रूह मेरा चश्मदीद है -
कैसे कह दूँ सब ठीक है?


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